बढ़ता क्रिएटिनिन · CKD

क्रिएटिनिन बढ़ रहा है? अगली रिपोर्ट का इंतज़ार न करें।

किडनी का नुकसान पहले चुपचाप, फिर तेज़ी से बढ़ता है। 6 महीने नियमित इलाज लेने वाले 94% मरीज़ सालों से बिना डायलिसिस और बिना ट्रांसप्लांट के जी रहे हैं।

30 सेकंड की किडनी जांच

चरण 1 / 4
किडनी की बीमारी किस स्टेज पर है?

यह लेटेस्ट रिपोर्ट में लिखा होता है। पक्का नहीं पता? “पता नहीं” चुनें।

यह किसके लिए है?
किस क्लिनिक में मिलना चाहेंगे?

हमारी किडनी टीम आपको किस नंबर पर कॉल करे?

हम सोम–शनि, सुबह 9 से रात 8 बजे तक कॉल करते हैं।

+91

कंसल्टेशन फीस ₹500 · क्लिनिक में या ऑनलाइन

आपकी जानकारी सिर्फ़ डॉ. जोशी’ज के पास रहेगी। कोई स्पैम नहीं।

डॉ. व्यंकटेश जोशी, BAMS के मार्गदर्शन मेंसंस्थापक · आयुर्वेद विशेषज्ञ · 35+ वर्षों की क्लिनिकल विशेषज्ञता
  • 1,00,000+ मरीज़
  • 5 क्लिनिक + ऑनलाइन
  • 2004 से
दर्ज नतीजे

असली आंकड़े। खोखले वादे नहीं।

94%6 महीने नियमित इलाज लेने वाले मरीज़ों में से, जो सालों से बिना डायलिसिस और बिना ट्रांसप्लांट के जी रहे हैं
98%स्टेज 2–4 के मरीज़ों में से, जो पूरे इलाज के बाद डायलिसिस से बच गए
1,00,000+मरीज़ों ने डॉ. जोशी’ज क्लिनिक में इलाज कराया
95%मरीज़ों में से, जो दूसरों को डॉ. जोशी’ज की सलाह देंगे

क्लिनिक का डेटा। स्टेज 2–4 का आंकड़ा क्लिनिक के रिकॉर्ड से, 2023–2026। परिणाम व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकते हैं।

मरीज़ों के अनुभव

असली मरीज़। असली रिपोर्ट।

वे बढ़ते क्रिएटिनिन और डायलिसिस की चेतावनी के साथ हमारे पास आए। देखिए, उसके बाद उनकी रिपोर्ट में क्या दिखा।

संजय डी.मुंबई · 14 सेशन
CKD · स्टेज 3
4.1 → 1.8क्रिएटिनिन, mg/dL
“मेरे नेफ्रोलॉजिस्ट भी हैरान रह गए। तीन साल के सामान्य इलाज से जो नहीं हुआ, वह डॉ. जोशी’ज के इलाज से हुआ।”
विक्रम एस.पुणे · 18 सेशन
CKD · स्टेज 4
डायलिसिस टल गया18 महीने के इलाज के बाद
“दो साल से क्रिएटिनिन बढ़ रहा था। फिर वह कम हुआ और स्थिर रहा। मेरे नेफ्रोलॉजिस्ट को यक़ीन नहीं हुआ।”
मीरा आर.मुंबई · 30 सेशन
कैंसर + CKD
दोनों स्थिरदोनों बीमारियों का एक साथ इलाज
“दोनों बीमारियों का एक साथ इलाज कोई नहीं कर रहा था। पूरी तस्वीर देखने वाला डॉ. जोशी’ज ही अकेला क्लिनिक था।”
बीमारी क्यों बढ़ती जाती है

किडनी रातोंरात खराब नहीं होती। कुछ है जो अब भी उसे नुकसान पहुँचा रहा है।

ज़्यादातर इलाज सिर्फ़ रिपोर्ट संभालते हैं। आपके आंकड़े क्यों बढ़ रहे हैं, हम वह ढूंढते हैं और उसी का इलाज करते हैं।

डायबिटीज

सालों तक बढ़ी हुई शुगर किडनी की छलनियों को नुकसान पहुँचाती है। भारत में CKD की यह सबसे बड़ी वजह है।

हाई ब्लड प्रेशर

अनियंत्रित BP किडनी को खून पहुँचाने वाली बारीक नसों को सख़्त कर देता है।

पेनकिलर और दवाइयाँ

रोज़ के पेनकिलर और कुछ सप्लीमेंट पहले से कमज़ोर किडनी पर चुपचाप ज़ोर डालते हैं।

पथरी और इन्फेक्शन

बार-बार होने वाली पथरी और पेशाब के इन्फेक्शन हर बार नुकसान छोड़ जाते हैं।

सूजन और आम

आयुर्वेद आंकड़ों के पीछे की सूजन और शरीर में जमा विषैले तत्व (आम) को देखता है।

आपकी स्टेज के लिए गलत खान-पान

ज़्यादा नमक, प्रोटीन या पोटैशियम बीमारी को तेज़ी से बढ़ाते हैं।

यह कैसे काम करता है

आपके किडनी प्लान के लिए तीन कदम।

  1. 1

    30 सेकंड की जांच करें

    तीन टैप और आपका मोबाइल नंबर। बस इतना ही।

  2. 2

    हम आपको कॉल करते हैं

    हमारी किडनी केयर टीम क्लिनिक के समय, सोम–शनि, सुबह 9 से रात 8 बजे, कॉल करके आपका कंसल्टेशन बुक करती है।

  3. 3

    अपनी रिपोर्ट लेकर आएँ

    हम आपके क्रिएटिनिन, eGFR और स्कैन आपके साथ पढ़ते हैं, आसान शब्दों में समझाते हैं और आपका प्लान बनाते हैं।

मेरी किडनी जांच शुरू करें
अभी बात करें

डायलिसिस से डर लगता है? आज ही हमारी किडनी टीम से बात करें।

अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भेजें। हम बताएँगे उसका मतलब क्या है और आगे क्या करना है।

सवाल

परिवार हमसे सबसे पहले क्या पूछते हैं।

क्या सच में डायलिसिस से बचा जा सकता है?

6 महीने नियमित इलाज लेने वाले 94% मरीज़ सालों से बिना डायलिसिस और बिना ट्रांसप्लांट के जी रहे हैं। आप पर इलाज कितना असर करेगा, यह आपकी स्टेज और नुकसान की वजह पर निर्भर करता है, इसलिए हम आपकी रिपोर्ट से शुरुआत करते हैं।

मुझे बताया गया है कि डायलिसिस नज़दीक है। क्या अब बहुत देर हो चुकी है?

हमेशा नहीं। कई मरीज़ यही सुनकर स्टेज 4 पर हमारे पास आते हैं। हम आपकी रिपोर्ट पढ़कर साफ़ बताते हैं कि क्या मुमकिन है। अगर डायलिसिस चल रहा है तो उसे जारी रखें; हमारा इलाज उसके साथ चलता है।

क्या मुझे अपनी मौजूदा दवाइयाँ बंद करनी होंगी?

नहीं। डॉक्टर की दी हुई दवाइयाँ अपने आप कभी बंद न करें। आपका इलाज जारी रहता है, और रिपोर्ट सुधरने पर ही कोई बदलाव आपके डॉक्टर के साथ किया जाता है।

कंसल्टेशन की फीस कितनी है?

₹500, क्लिनिक में या ऑनलाइन। दवाइयों की कीमत अलग होती है और इलाज शुरू करने से पहले साफ़ बताई जाती है।